“विदेश से MBBS करने के बाद भारत में डॉक्टर बनने के लिए पूरी करनी पड़ती हैं ये जरूरी शर्तें!”
आजकल बहुत से भारतीय छात्र मेडिकल पढ़ाई के लिए विदेश का रुख कर रहे हैं। खासकर रूस, चीन, यूक्रेन, फिलीपींस जैसे देशों में MBBS करना आकर्षक लगता है – पढ़ाई सस्ती है, एडमिशन आसान है और फीस भी कम। लेकिन क्या आप जानते हैं कि विदेश से MBBS करने के बाद भारत में तुरंत डॉक्टर बनना इतना आसान नहीं है? 1. भारत में प्रैक्टिस करने के लिए है जरूरी लाइसेंस विदेश से MBBS करने वाले छात्रों को भारत में डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करने के लिए National Medical Commission (NMC) से मान्यता प्राप्त होना जरूरी है। NMC का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर डॉक्टर भारतीय चिकित्सा प्रणाली और नियमों से पूरी तरह परिचित हो। 2. FMGE / NExT परीक्षा देना अनिवार्य विदेश से MBBS करने वाले छात्रों को Foreign Medical Graduate Examination (FMGE) या भविष्य में NExT (National Exit Test) पास करना अनिवार्य है। यह परीक्षा यह जांचती है कि डॉक्टर ने चिकित्सा के बेसिक कॉन्सेप्ट्स और प्रैक्टिकल ज्ञान में पर्याप्त महारत हासिल की है या नहीं। 3. विश्वविद्यालय की मान्यता हर विदेशी मेडिकल कॉलेज भारत में मान्यता प्राप्त नहीं होता। NMC की वेबसाइट पर मान्यता प्राप्त कॉलेजों की लिस्ट उपलब्ध है। इसलिए, छात्र को अपने चुने हुए कॉलेज की NMC मान्यता चेक करना जरूरी है। 4. इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग विदेश में MBBS करने वाले छात्रों को भी भारत में प्रैक्टिस शुरू करने से पहले अपनी इंटर्नशिप पूरी करनी होती है, जो NMC के नियमों के अनुसार मान्यता प्राप्त हॉस्पिटल में हो। यह इंटर्नशिप छात्र की क्लिनिकल स्किल्स को जांचती है। 5. दस्तावेज़ और मेडिकल रजिस्ट्रेशन विदेश से पढ़ाई करने वाले छात्रों को भारत में डॉक्टर बनने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज़ जैसे मार्कशीट, पासिंग सर्टिफिकेट, और परीक्षा प्रमाणपत्र के साथ NMC में रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। बिना रजिस्ट्रेशन के प्रैक्टिस करना गैरकानूनी है। 6. संक्षेप में विदेश से MBBS करना आसान लग सकता है, लेकिन भारत में डॉक्टर बनना तभी संभव है जब आप इसलिए, अगर आप विदेश में MBBS करने का सोच रहे हैं, तो इन नियमों और शर्तों को पहले से समझना बहुत जरूरी है। नहीं तो, भारत में प्रैक्टिस शुरू करना काफी मुश्किल हो सकता है।