IIT BTech Courses 2026: अब हर आईआईटी में AI और डेटा साइंस के कोर्सेज को शामिल किया जा रहा है। 2026 में सीटों की संख्या भी बढ़ सकती है। 2025 में 18,188 सीटें अलॉट हुई थीं और टॉप 25 में 10 ने आईआईटी दिल्ली को चुना था।

IIT Admission 2026: ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। देश के 12 IITs में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस के नए कोर्स शुरू किए जा चुके हैं। जिन IITs में ये कोर्स अभी शुरू नहीं हुए हैं, वहां फिलहाल शॉर्ट टर्म और सर्टिफिकेट प्रोग्राम्स के जरिए AI से जुड़ी पढ़ाई कराई जा रही है।
इन नए कोर्सेस के शुरू होने से आने वाले समय में सीटों की संख्या बढ़ने की भी संभावना है, जिससे एडमिशन प्रक्रिया छात्रों के लिए थोड़ी आसान हो सकती है। फिलहाल IITs में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) छात्रों की पहली पसंद बनी हुई है, और इस ब्रांच में भी अब AI से जुड़े विषयों को खास तौर पर शामिल किया जा रहा है।
इन 12 IITs में शुरू हुए AI कोर्स
देश के 23 IITs में से 12 IITs ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस (Data Science) में स्पेशलाइज्ड कोर्स शुरू कर दिए हैं। इन संस्थानों में बीटेक इन AI और डेटा साइंस के साथ-साथ एमटेक और पीएचडी प्रोग्राम्स भी संचालित किए जा रहे हैं, जिससे छात्रों को अंडरग्रेजुएट से लेकर रिसर्च लेवल तक पढ़ाई का मौका मिल रहा है।
Indian Institute of Technology Madras में बीटेक इन AI एंड डेटा एनालिटिक्स प्रोग्राम उपलब्ध है।
Indian Institute of Technology Guwahati और Indian Institute of Technology Roorkee में बीटेक और एमटेक इन डेटा साइंस एंड AI का विकल्प दिया जा रहा है।
वहीं Indian Institute of Technology Gandhinagar में बीटेक इन AI, एमटेक इन AI और पीएचडी इन AI — तीनों स्तरों पर कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
इन नए प्रोग्राम्स के जरिए IITs तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में छात्रों को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं।
आईआईटी हैदराबाद में भी ग्रेजुएशन से लेकर पीएचडी तक एआई कोर्स है। आईआईटी जोधपुर, आईआईटी रोपड़ में एआई और डेटा इंजिनियिरंग के कोर्सेज हैं। आईआईटी पटना में बीटेक इन एआई एंड डेटा साइंस के और बीटेक इन एआई एंड डेटा साइंस+एमबीए का कोर्स है। (IIT) पलक्कड़ में एआई में बीटेक व एमटेक कोर्सेज हैं। IIT भिलाई में बीटेक इन डेटा साइंस एंड एआई, एमटेक, पीएचडी कोर्सेस हैं। वहीं IIITs में भी इन कोर्सेस के विकल्प हैं।
2026 में बढ़ सकती है सीटों की संख्या
साल 2025 में देश के 23 IITs में कुल 18,188 सीटें अलॉट की गई थीं। इनमें से 14,524 सीटों पर छात्रों (लड़कों) ने एडमिशन लिया, जबकि 3,664 सीटों पर छात्राओं का चयन हुआ।
इस बार IITs और अन्य संस्थानों में AI, डेटा साइंस और नई टेक्नोलॉजी से जुड़ी स्ट्रीम्स की शुरुआत को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि 2026 में सीटों की संख्या बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है, तो एडमिशन की प्रक्रिया छात्रों के लिए पहले से कुछ आसान हो सकती है और ज्यादा अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा।
फिलहाल व्यवस्था के अनुसार Joint Entrance Examination – Advanced (JEE Advanced) में बैठने के लिए Joint Entrance Examination – Main (JEE Main) के टॉप 2.5 लाख कैंडिडेट्स को ही पात्रता मिलती है।
2026 के लिए तय फॉर्मूले के अनुसार, इन 2.5 लाख उम्मीदवारों में से ओपन कैटेगरी के 1,01,250 कैंडिडेट्स को JEE Advanced में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
JEE एडवांस्ड में जनरल-EWS के इतने स्टूडेंट्स
इस बार Joint Entrance Examination – Advanced (JEE Advanced) में जनरल-EWS कैटेगरी के करीब 25,000 कैंडिडेट्स को परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा।
इसके अलावा, OBC-NCL और OBC-NCL-PwD कैटेगरी के लगभग 67,500, SC कैटेगरी के 37,500 और ST कैटेगरी के 18,750 अभ्यर्थी भी IIT में एडमिशन के लिए होने वाली इस परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। हालांकि, कुल संख्या 2.5 लाख से थोड़ी ज्यादा भी हो सकती है।
साल 2025 में कुल 2,50,243 कैंडिडेट्स JEE Advanced के लिए एलिजिबल थे। इनमें से लगभग 1.87 लाख ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 1,80,422 छात्रों ने परीक्षा दी। अंत में 54,378 कैंडिडेट्स को क्वालीफाई घोषित किया गया।
2025 में टॉप 25 में से 10 ने चुना था IIT दिल्ली
पिछले साल 2025 में JEE Advanced के टॉप 25 रैंकर्स में से 10 छात्रों ने Indian Institute of Technology Delhi को चुना।
7 छात्रों ने Indian Institute of Technology Bombay, 6 ने Indian Institute of Technology Hyderabad को प्राथमिकता दी।
वहीं 1-1 कैंडिडेट ने Indian Institute of Technology Kanpur और Indian Institute of Technology Kharagpur को चुना।
टॉप-2 रैंकर्स ने IIT दिल्ली को चुना, तीसरे और चौथे रैंक पर रहे छात्रों ने IIT बॉम्बे में दाखिला लिया, जबकि पांचवीं रैंक होल्डर ने भी IIT दिल्ली को ही प्राथमिकता दी।
तीन स्तरों पर होगा काम
Indian Institutes of Technology (IITs) के लिए तैयार किए गए विजन के तहत अब तीन अलग-अलग स्तरों पर काम किया जा रहा है। इसमें नई तकनीकों को ध्यान में रखते हुए अपडेटेड करिकुलम और नए कोर्स तैयार करने का मिशन शामिल है।
इसके साथ ही इंडस्ट्री के साथ मजबूत साझेदारी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि छात्रों को प्रैक्टिकल नॉलेज और बेहतर प्लेसमेंट के मौके मिल सकें। वहीं, ग्लोबल लेवल पर पहचान बनाने के लिए इनोवेशन और रिसर्च को भी IIT सिस्टम का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है।