एनएमसी के नए आदेश के अनुसार जिन छात्रों ने ऑनलाइन एमबीबीएस की पढ़ाई की है। अब उन सभी छात्रों को उसी देश में जाकर क्लीनिकल ट्रेनिंग और अकेडमिक कोर्स को पूरा करना होगा।

HighLights
1️⃣ विदेश जाकर MBBS पूरी करनी होगी दोबारा
2️⃣ अकेडमिक कोर्स के साथ अब क्लीनिकल ट्रेनिंग भी अनिवार्य
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने ऑनलाइन MBBS पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत, जिन छात्रों ने कोविड या यूक्रेन युद्ध के समय ऑनलाइन MBBS की पढ़ाई की थी, उन्हें अब उसी देश में जाकर नियमित कक्षाओं में बैठकर अपनी पढ़ाई पूरी करनी होगी। एनएमसी ने यह आदेश 05 और 12 मार्च 2026 को दोबारा जारी किया है।
किन छात्रों को करनी होगी पढ़ाई दोबारा
एनएमसी के अनुसार, जिन छात्रों ने 2022 से 2025 के बीच ऑनलाइन MBBS पूरी की थी, उन्हें अब फिजिकल मोड में कक्षाएं पूरी करनी होंगी। यह फैसला लगभग 95,000 भारतीय छात्रों को प्रभावित करेगा। इसमें राजस्थान के लगभग 15,000 छात्र और अजमेर के 12,000 छात्र शामिल हैं।
पढ़ाई पूरी करने के बाद ही मिलेगी डिग्री
एनएमसी के नए आदेश के अनुसार, निर्धारित अवधि पूरी करने के बाद ही छात्रों को MBBS डिग्री दी जाएगी। इसके बाद ही छात्र भारत में मेडिकल के लिए पंजीकरण करवा सकेंगे।
प्रैक्टिकल ट्रेनिंग अनिवार्य
एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन मेडिकल कोर्स अब फिजिकल ऑनसाइट ट्रेनिंग से ही पूरी किया जा सकता है। इस दौरान छात्रों को क्लीनिकल ट्रेनिंग के साथ-साथ अकादमिक कोर्स की पढ़ाई भी अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी।
जिन छात्रों ने MBBS की पढ़ाई ऑनलाइन मोड में पूरी की थी, उनके कोर्स को अब मान्यता नहीं दी जाएगी। नए आदेश के अनुसार, सभी छात्रों को उसी देश में जाकर जूनियर्स के साथ नियमित कक्षाओं में पढ़ाई पूरी करना अनिवार्य है।