उत्तर प्रदेश बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की अंग्रेजी माध्यम की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन केवल अंग्रेजी माध्यम के परीक्षक ही करेंगे।

HighLights
- अंग्रेजी माध्यम की उत्तरपुस्तिकाएं केवल अंग्रेजी परीक्षक ही जांचेंगे।
- सचिव भगवती सिंह ने मूल्यांकन हेतु सख्त निर्देश जारी किए।
- अनुपस्थित परीक्षकों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की जिन उत्तर पुस्तिकाओं को जिस माध्यम में लिखा गया है, उनका मूल्यांकन भी उसी माध्यम के परीक्षक द्वारा किया जाएगा। इसी क्रम में सचिव भगवती सिंह ने अंग्रेजी माध्यम में लिखी गई उत्तर पुस्तिकाओं के लिए अलग से बंडल तैयार कराने की व्यवस्था कराई है।
निर्देश दिए गए हैं कि इन उत्तर पुस्तिकाओं की जांच केवल अंग्रेजी माध्यम के परीक्षकों से ही कराई जाए। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षकों को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी परिस्थिति में अंग्रेजी माध्यम की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हिंदी माध्यम से पढ़ाने वाले शिक्षकों या परीक्षकों से नहीं कराया जाएगा।
मूल्यांकन के बाद त्रुटि पाए जाने पर संबंधित परीक्षक एवं उप प्रधान परीक्षक (डीएचई) उत्तरदायी माने जाएंगे।हाईस्कूल में 1,39,049 तथा इंटरमीडिएट में 1,19,185 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी चुना था।
हिंदी वाले परीक्षक नहीं जांचेंगे अंग्रेजी की पुस्तिकाएं
अंग्रेजी माध्यम की उत्तरपुस्तिकाओं के बंडल अलग से तैयार कराए जाने के निर्देश केंद्र व्यवस्थापकों को पहले ही दिए गए थे। इसके अलावा यदि किसी मूल्यांकन केंद्र पर सामान्य उत्तरपुस्तिकाओं के बंडलों के अंदर अंग्रेजी माध्यम की उत्तरपुस्तिका मिले तो उसे हिंदी माध्यम के परीक्षक कदापि नहीं जांचेंगे।
अंग्रेजी माध्यम में लिखी गई उत्तर पुस्तिकाओं को अलग रखकर उनका मूल्यांकन केवल अंग्रेजी माध्यम के परीक्षकों से ही कराया जाएगा। यदि किसी मूल्यांकन केंद्र पर अंग्रेजी माध्यम के परीक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक अन्य मूल्यांकन केंद्रों पर नियुक्त अंग्रेजी माध्यम के परीक्षकों की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा जिले के अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों से भी योग्य शिक्षकों को परीक्षक के रूप में नियुक्त कर मूल्यांकन कार्य कराया जा सकता है।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित परीक्षक और डीएचई को जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसे मामलों में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
मूल्यांकन के लिए अनुपस्थित रहने पर होगी कार्रवाई
अक्सर देखा गया है कि लिखित उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए नियुक्त कई परीक्षक निर्धारित समय पर मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं पहुंचते। इसे गंभीरता से लेते हुए बोर्ड सचिव ने राजकीय, सहायता प्राप्त (एडेड) और स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों को अनिवार्य रूप से मूल्यांकन कार्य में शामिल होने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही यह भी कहा गया है कि जो परीक्षक मूल्यांकन कार्य में शामिल नहीं होंगे, उनके खिलाफ कर्तव्य की उपेक्षा के आधार पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।