JoSAA और CSAB क्या है? बीटेक एडमिशन से पहले समझ लें दोनों में 5 बड़े अंतर

देश के शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक कोर्स में एडमिशन जेईई परीक्षा के स्कोर के आधार पर किया जाता है, जिसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से सीट आवंटन होता है। इस प्रक्रिया के लिए दो मुख्य काउंसलिंग अथॉरिटी काम करती हैं, जिनमें JoSAA और CSAB शामिल हैं। हालांकि दोनों का उद्देश्य सीट अलॉटमेंट करना है, लेकिन इनकी प्रक्रिया और महत्व में कुछ अंतर होता है। बीटेक एडमिशन लेने से पहले JoSAA और CSAB के बीच के 5 प्रमुख अंतर को समझना जरूरी है, ताकि छात्र सही काउंसलिंग विकल्प चुन सकें और बेहतर कॉलेज में प्रवेश पाने की संभावना बढ़ा सकें।

भारत में बीटेक एडमिशन केवल JEE परीक्षा पास करने से ही नहीं मिलता, बल्कि छात्रों को काउंसलिंग प्रक्रिया में भी हिस्सा लेना होता है। देश के प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीट आवंटन Joint Seat Allocation Authority और Central Seat Allocation Board के माध्यम से किया जाता है। हालांकि JoSAA और CSAB दोनों का उद्देश्य सीट अलॉटमेंट करना है, लेकिन इनकी प्रक्रिया और नियमों में कुछ अंतर होते हैं। हर उम्मीदवार को आवेदन करने से पहले इन दोनों काउंसलिंग विकल्पों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए, इसलिए आगे दोनों के बीच 5 प्रमुख अंतर दिए गए हैं।

JoSAA क्या है?

Joint Seat Allocation Authority एक ऐसी काउंसलिंग अथॉरिटी है जो IIT, NIT, IIIT और अन्य सरकारी फंडेड तकनीकी संस्थानों (GFTI) में सीट आवंटन प्रक्रिया को मैनेज करती है। इसका मुख्य उद्देश्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में पारदर्शी और केंद्रीकृत तरीके से सीट एलोकेशन प्रक्रिया को पूरा करना है। JoSAA काउंसलिंग में भाग लेने के लिए छात्रों को JEE Main और JEE Advanced परीक्षा पास करनी होती है। इसके बाद मेरिट और पसंद के आधार पर कॉलेज और ब्रांच का सीट आवंटन किया जाता है।

CSAB क्या है?

Central Seat Allocation Board एक काउंसलिंग प्राधिकरण है जो NIT, IIEST, IIIT, SPA और अन्य GFTI संस्थानों में इंजीनियरिंग और तकनीकी कोर्सेस के लिए सीट आवंटन प्रक्रिया को संचालित करता है। जो उम्मीदवार Joint Seat Allocation Authority काउंसलिंग में रजिस्टर नहीं कर पाए या जिनको सीट नहीं मिली, वे CSAB काउंसलिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं। CSAB काउंसलिंग के कुछ राउंड में खाली सीटों, होम स्टेट कोटा और रिजर्व्ड कैटेगरी सीटों पर भी ध्यान दिया जाता है, जिससे उम्मीदवारों को एडमिशन का अतिरिक्त मौका मिलता है।

JoSAA और CSAB में 5 बड़े अंतर

Joint Seat Allocation Authority काउंसलिंग आमतौर पर JEE Advanced के रिजल्ट घोषित होने के बाद जून–जुलाई के बीच आयोजित की जाती है। इस प्रक्रिया में रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट एक निश्चित और निर्धारित शेड्यूल के अनुसार होता है। दूसरी ओर, Central Seat Allocation Board काउंसलिंग, JoSAA के सभी राउंड पूरे होने के बाद शुरू होती है। CSAB काउंसलिंग का मुख्य उद्देश्य खाली बची हुई सीटों को भरना होता है, जिससे छात्रों को अतिरिक्त एडमिशन का मौका मिल सके। नीचे दोनों काउंसलिंग प्रक्रियाओं के बीच 5 प्रमुख अंतर दिए गए हैं।

क्रम संख्याअंतरJoSAACSAB
1योग्यताJoSAA में JEE Main और जेईई Advanced रैंक और 12वीं (PCM) जरूरी है।CSAB में केवल JEE Main रैंक और JoSAA में सीट न मिलने पर ही हिस्सा ले सकते हैं।
2उद्देश्यIIT, NIT, IIIT और GFTIs के लिए सीट आवंटन प्रक्रियाNIT, IIIT और IIEST के लिए सीट आवंटन प्रक्रिया, IIT के लिए नहीं
3काउंसलिंग राउंडजोसा में आमतौर पर 6 काउंसलिंग राउंड होते हैं (कम या ज्यादा हो सकते हैं)2 या 3 राउंड (कम या ज्यादा हो सकते हैं)
4सीटेंटाॅप इंजीनियरिंग काॅलेजों में कोर्स के अनुसार निर्धारित सीटों का आवंटनजोसा काउंसलिंग के बाद बची हुई सीटों के आवंटन के लिए
5सीट वापसी का विकल्पJoSAA काउंसलिंग प्रोसेस के दौरान सीट वापसी का विकल्प उपलब्ध होता है, हालांकि कैंडिडेट्स को समयसीमा का ध्यान रखना हैयदि कोई स्टूडेंट सीट स्वीकार नहीं करता या समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करता तो उसकी सीट रद्द मानी जाती है।

राउंड की संख्या और सीट अलॉटमेंट प्रोसेस

Joint Seat Allocation Authority काउंसलिंग में आमतौर पर NIT, IIIT और GFTI संस्थानों में सीट आवंटन के लिए लगभग 6 राउंड आयोजित किए जाते हैं। इस प्रक्रिया में उम्मीदवार अपनी पसंद के अनुसार कॉलेज और ब्रांच की प्राथमिकता सूची तैयार करते हैं, और सीट आवंटन उनकी रैंक, चुने गए विकल्प और सीट की उपलब्धता के आधार पर किया जाता है। दूसरी ओर, Central Seat Allocation Board काउंसलिंग मुख्य रूप से खाली बची हुई सीटों को भरने के लिए आयोजित की जाती है, जिसमें आमतौर पर JoSAA राउंड समाप्त होने के बाद 1–2 अतिरिक्त राउंड कराए जाते हैं।

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