पंजाब सरकार ने एमबीबीएस सीटें 1600 से बढ़ाकर 1900 कर दी हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि सात नए मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे और 600 अतिरिक्त सीटें भी जल्द शुरू की जाएंगी।

HighLights
- पंजाब में MBBS सीटें 1600 से बढ़कर 1900 हुईं।
- राज्य में 7 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित होंगे।
- स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल शिक्षा विस्तार की घोषणा की।
स्टेट ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार किया जा रहा है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाकर 1900 कर दी गई है। इससे पहले राज्य में कुल 1600 सीटें थीं। सरकार ने बेहतर स्पेस मैनेजमेंट और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के जरिए 300 सीटों की वृद्धि की है, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर मिल सकेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह जानकारी शहीद उधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस टीचिंग हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार मेडिकल शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि राज्य के छात्रों को बाहर जाकर पढ़ाई करने की जरूरत न पड़े और उन्हें अपने राज्य में ही बेहतर चिकित्सा शिक्षा की सुविधा मिल सके।
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार आने वाले समय में मेडिकल सीटों की संख्या और बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। फिलहाल 600 अतिरिक्त सीटें पाइपलाइन में हैं, और इनके शुरू होने के बाद राज्य में मेडिकल शिक्षा की क्षमता और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब में आधुनिक सुविधाओं से लैस मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है।
सरकारी स्तर पर भी बनाए जाएंगे नए मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि Punjab में कुल सात नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। इनमें से कुछ कॉलेज सरकारी स्तर पर बनाए जाएंगे, जबकि कुछ को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि Shaheed Bhagat Singh Nagar और Sangrur में पीपीपी मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना है, जिससे सरकारी और निजी क्षेत्र के सहयोग से बेहतर स्वास्थ्य ढांचा विकसित किया जा सके।
इसके अलावा Hoshiarpur में बनने वाला मेडिकल कॉलेज भी राज्य की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। मंत्री ने बताया कि यह मेडिकल कॉलेज वर्ष 2028 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है। इसके शुरू होने के बाद दोआबा क्षेत्र के छात्रों को मेडिकल शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी।
राज्य में सेहत सुविधाएं बेहतर होंगी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य सिर्फ सीटें बढ़ाना ही नहीं बल्कि डॉक्टरों की कमी को भी दूर करना है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने से भविष्य में राज्य को अधिक प्रशिक्षित डॉक्टर मिलेंगे, जिससे सरकारी अस्पतालों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है और आने वाले वर्षों में मेडिकल ढांचे को और मजबूत करने के लिए कई नई योजनाएं लागू की जाएंगी।