इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी की पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही है।

शिक्षा एवं प्रशिक्षण मंत्रालय की रिपोर्ट

शिक्षा एवं प्रशिक्षण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों ने छात्रों को तेजी से आकर्षित करना शुरू कर दिया है।
हाल के वर्षों में STEM प्रशिक्षण का पैमाना लगातार बढ़ रहा है, जिससे युवाओं के लिए करियर के नए अवसर खुल रहे हैं।

शिक्षा एवं प्रशिक्षण मंत्रालय की रिपोर्ट: STEM क्षेत्रों में बढ़ती भागीदारी

शिक्षा एवं प्रशिक्षण मंत्रालय द्वारा संकल्प संख्या 57-एनक्यू-टीडीब्ल्यू (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और राष्ट्रीय डिजिटल परिवर्तन में प्रगति) के कार्यान्वयन पर हाल ही में उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ हुई बैठक में जानकारी मिली कि 2024-2025 शैक्षणिक वर्ष में STEM क्षेत्रों में छात्र संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

  • STEM प्रशिक्षण (मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग, समूह V) में 685,800 से अधिक छात्र शामिल होंगे, जो कुल विश्वविद्यालय नामांकन का 33% से अधिक है।
  • स्नातकोत्तर स्तर पर 21,600 छात्र (20.3%) और 3,500 डॉक्टरेट छात्र (27.5%) होंगे।

पिछले वर्षों में वृद्धि

  • 2021-2022: 543,652 छात्र
  • 2022-2023: 586,024 छात्र (42,372 छात्रों की वृद्धि)
  • 2023-2024: 648,084 छात्र (62,060 छात्रों की वृद्धि)
  • 2024-2025: 685,800 छात्र (37,716 छात्रों की वृद्धि)

विशेष क्षेत्रों में छात्र संख्या

  • रणनीतिक प्रौद्योगिकी और प्रमुख इंजीनियरिंग (AI, IT, अर्धचालक, एकीकृत परिपथ डिजाइन, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, स्वचालन): 132,388 छात्र
  • अर्धचालक प्रौद्योगिकी: 118,108 छात्र
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता: 34 संस्थानों में लगभग 3,500 छात्र

मंत्रालय के अनुसार, न केवल STEM शिक्षा का पैमाना बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा, और 2025 तक 74 प्रमुख इंजीनियरिंग और रणनीतिक प्रौद्योगिकी विषयों में प्रवेश के लिए 28 या अधिक अंक प्राप्त करने की संभावना है।

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